✦ उस्मान बिन हकीम अंसारी रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की उन्होने सईद बिन ज़ुबेर रदी अल्लाहु अल्लाहू अन्हु से रजब के रोज़ो के बारे में पूछा और ये सवाल रजब के महीने में ही किया तो उन्होने कहा की मैने इब्न अब्बास रदी अल्लाहू अन्हु से सुना की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहु अलैही वसल्लम (लगातार) रोज़ रखते थे और इतने रखते थे की हम समझते थे की अब ईफ्तार नही करेंगे , और ईफ्तार करते थे यहा तक की हम समझते अब रोज़े नही रखेंगे
सही मुस्लिम , जिल्द 3 , 2726
✦ अबू ज़र रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहु अलैही वसल्लम ने मुझे तीन बातो की वसीयत फरमाई जो मैं इन-शा-अल्लाह कभी नही छोडूंगा , पहला चाश्त (दूहा) की नमाज़ पढ़ने की और दूसरा सोने से पहले वित्र की नमाज़ अदा कर लेने की और तीसरा हर महीने 3 दिन रोज़ा रखने की
सुनन नसाई, जिल्द 2, 315 -सही
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