✦ उसामा बिन ज़ैद रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की उन्होने रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम से पूछा की या रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम मैं आपको किसी और महीने में इतने रोज़े रखते हुए नही देखता जितने शाबान के महीने में , आप सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया ये महीना वो महीना जिसकी बरकत से लोग गाफील हैं , और रजब और रमज़ान के महीने के बीच में ये वो महीना है जिसमें आमाल अल्लाह सुबहानहु के पास उठाए जाते हैं और मेरी ख्वाहिश है की मेरा अमल उस वक़्त पेश हो जिस वक़्त मेरे रोज़ा हो
सुनन नसाई, जिल्द 2, 268-हसन
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