✦ सा'द बिन अबी वक्कास रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सलाल्लाहू अलैहि वसल्लम ने फरमाया जो शख्स मुअज़्ज़ीन की अज़ान सुनने के बाद ये कहे
वा अना अशहादू अन ला ईलाहा ईलअल्लाहु वाह्दहू ला शरीका लहू, वा अन्ना मुहम्मदन अब्दुहु वा रसूलुह,
रादीतु बिल्लाहि रब्बन वा बिल-इस्लामी दीनन, वा बी मुहम्मदीन रसूलन
( तर्जुमा: मैं गवाही देता हूँ की अल्लाह के सिवा कोई माबूद नही, वो अकेला है उसका कोई शरीक नही, और बेशक मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम उसके बंदे और रसूल हैं, मैं राज़ी हूँ अल्लाह के ऱब होने पर, इस्लाम के दीन होने पर और मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम के रसूल होने पर)
तो अल्लाह सुबहानहु उसके गुनाह माफ़ फरमा देता है
जामिया तिरमिज़ी , जिल्द 1, 200-सही
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